कबड्डी खेल के नियम, इतिहास,निबंध | Kabaddi Khel Rules History Essay in Hindi
By Karnika- November 11, 20210
कबड्डी खेल के नियम, इतिहास, निबंध, विशेषताएं, अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी, अतिरिक्त समय, मैदान, ग्राउंड [Kabaddi Rules and Regulations in Hindi] (Essay, History, International Kabaddi, Kit, World Cup, Players, Ground, Game, Court, Time)
कबड्डी एक ऐसा खेल है, जिसमे कई खेलें मिश्रित हैं. इसमें रेसलिंग, रग्बी आदि खेलों का मिश्रण देखने मिलता है. इसका मुकाबला दो दलों के बीच होता. ये जहाँ एक तरफ बहुत ही ज़बरदस्त खेल है वहीँ दूसरी तरफ़ कई कसरतों का मेल भी है. समय के साथ इस खेल का बहुत विकास हुआ है. आज ये ज़िला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेला जा रहा है. बहुत बड़े पैमाने पर खेले जाने की वजह से कई नौजवान कबड्डी में दिलचस्पी भी लेने लगे हैं, और अपने क्षेत्र के कबड्डी क्लब से जुड़कर कबड्डी के ज़रिये अपना भविष्य और अपनी पहचान बनाने की कोशिश में लगे है. इस खेल को विभिन्न जगहों में विभिन्न नाम से जाना जाता है. जैसे तमिलनाडु में कबड्डी को चादूकट्टू, बंगलादेश में हद्दू, मालद्वीप में भवतिक, पंजाब में कुड्डी, पूर्वी भारत में हू तू तू, आंध्र प्रदेश में चेडूगुडू के नाम से जाना जाता है. कबड्डी शब्द मूलतः एक तमिल शब्द ‘काई- पीडी’ शब्द से बना है जिसका मतलब है हाथ थामे रहना, तमिल शब्द से निकलने वाला शब्द कबड्डी उत्तर भारत में बहुत मशहूर है.
Kabaddi-
Table of Contents
कबड्डी खेल के नियम, इतिहास,निबंध
कबड्डी खेल का इतिहास (Kabaddi game history)
कबड्डी खेल का परिचय
कबड्डी खेल की मुख्य विशेषता (Kabaddi game Features)
अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी (International kabaddi)
कबड्डी खेल का मैदान (court) कैसा होता है
कबड्डी किट
कबड्डी खेल में कितने खिलाड़ी होते हैं
कबड्डी खेल के नियम kabaddi game rules in hindi
कबड्डी खेल पॉइंट्स
विश्व स्तरीय कबड्डी के नियम (International Kabaddi game rules)
कबड्डी खेल में अतिरिक्त समय (Extra time in Kabaddi)
कबड्डी में गोल्डन रेड (Golden red in Kabaddi)
भारतीय कबड्डी के प्रकार (Types of kabaddi game)
कबड्डी में प्रमुख मुकाबले (Kabaddi tournaments)
FAQ
कबड्डी खेल के नियम, इतिहास,निबंध
कबड्डी खेल का इतिहास (Kabaddi game history) इस खेल का उद्भव प्राचीन भारत के तमिलनाडू में हुआ था. आधुनिक कबड्डी इसी का संशोधित रूप है, जिसे विभिन्न जगहों पर अन्य कई नामो से जाना जाता है. ये विश्वस्तरीय ख्याति सन 1936 में बर्लिन ओलिंपिक से मिली. सन 1938 में इसे कलकत्ता में राष्ट्रीय खेलों में सम्मिलित किया गया. सन 1950 में अखिल भारतीये कबड्डी फेडरेशन का गठन हुआ और कबड्डी खेले जाने के नियम मुक़र्रर किये गये. इसी फेडरेशन को ‘अमैच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया’ के नाम से सन 1972 में पुनर्गठित किया गया. इसका प्रथम राष्ट्रीय टूर्नामेंट चेन्नई में इसी साल खेला गया.
कबड्डी को जापान में भी बहुत ख्याति मिली. वहाँ इस खेल को सुंदर राम नामक भारतीय सन 1979 में सबके सामने रखा. सुंदर राम उस समय ‘अमैच्योर कबड्डी’ के एशियाई फेडरेशन की जानिब से इस खेल को लेकर जापान गये थे. वहाँ उन्होंने लोगों के साथ मिल कर दो महीने तक इसका प्रचार किया. सन 1979 में इस खेल का भारत और बांग्लादेश के बीच का मुकाबला भारत में ही खेला गया. सन 1980 में इस खेल के लिए एशिया चैंपियनशिप का आग़ाज़ किया गया, जिसमे भारत ने बांग्लादेश को हरा कर इस टूर्नामेंट को जीता. इस टूर्नामेंट में इन दो देशों के अलावा नेपाल, मलेशिया और जापान भी थे. इस खेल को एशियाई खेल में सन 1990 में शामिल किया गया. इस दौरान इस खेल को बीजिंग में कई अन्य देशों के बीच मुकाबले के साथ खेला गया.
कबड्डी खेल का परिचय
राष्ट्रीय खेल है बंगलादेश
अधिकतम ख़िलाड़ी 12 ख़िलाड़ी होते हैं
कबड्डी मैदान माप पुरुषों के लिए ( 13X10 मीटर)
महिलाओं के लिए ( 12X8 मीटर)
खेल समय सीमा पुरुषों का 40 मिनट और
महिलाओं का 30 मिनट का होता है.
रेड समय 30 सेकंड
भारत में शुरुआत 1915 और 1920 में
अन्य नाम हु तू तू और चेडुगुडु.
पहला विश्व कप 2004 में
वजन मापदंड सीनियर पुरुषों के लिए 85kg
सीनियर महिलाओं के लिए 75kg
जूनियर पुरुषों के लिए 70kg
जूनियर गर्ल्स के लिए 65kg
ब्रेक टाइम 5 मिनट
महिला कबड्डी विश्वकप पहली बार 2012 में
भारत कबड्डी फेडरेशन स्थापना 1950 में
भारतीय कबड्डी प्रो लीग 26 जुलाई 2014
कबड्डी खेल का इतिहास (Kabaddi game history)
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